फीस माफी के लिए बच्चों ने उठाई कावड़. तो जिलाधिकारी ने समस्या को कर दिया चुटकियों में दूर
जिलाधिकारी ने किताबें और बैग, पेंशन के अलावा मकान की भी कर दी मुराद पूरी

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Sk News Agency –UP
जनपद-मथुरा
न्यूज एजेंसी संंवाद सूत्र ————जब दिव्यांग माता-पिता पर फीस के पैसे नहीं भरे गए तो स्कूल प्रबंधन ने बच्चों का नाम स्कूल से काट दिया।फीस भरने और आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए कावड़ यात्रा भरना चले गए ।और भोलेनाथ से इस मनोकामना को पूरी करने के लिए किसी ने रोका भी नहीं। और जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुई तो जिलाधिकारी ने एसडीएम की टीम को भेज कर जांच कराई और संज्ञान दिया।हम बात कर रहे हैं जनपद के कोसीकला के बठेन गेट के बैंक कॉलोनी निवासी दिव्यांग भारत सिंह के बच्चों की।
आपको बताते चलें कि दिव्यांग भरत सिंह परचून की दुकान चलाते हैं। और उनकी पत्नी सुनीता घर पर रहकर सिलाई का कार्य करती हैं ।और दोनों पति-पत्नी मिलकर बच्चों का भरण पोषण करते है। इनके चार बच्चे कुमारी साधना कक्षा 11वीं , कुमारी मुस्कान कक्षा 9वीं ,कुमारी प्रेरणा कक्षा सातवीं,और बेटा शिवम कुमार कक्षा तीन में कस्बे के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ते हैं।जब उनकी फीस समय पर नहीं भरी गई तो स्कूल प्रबंधन ने इनको स्कूल से भगा दिया।तो बच्चों ने स्कूल की फीस भरने और आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए भोलेनाथ की कावड़ भरने को निकल पड़े।रास्ते में लोगों ने इन मासूमों के हाथों में कावड़ अच्छी और उनकी समस्या को सुनकर दंग रह गए।

किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया । वीडियो पर तत्काल संज्ञान लेकर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने उप जिलाधिकारी छाता अखिलेश कुमार के नेतृत्व मे एक टीम भेजकर जांच कराई तो मामला सही पाया गया। जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने बच्चों और उनके माता-पिता को अपने कार्यालय में बुलाकर पूरी जानकारी ली । उसी समय उपजिलाधिकारी छाता अखिलेश कुमार ने इन बच्चों को गोद ले लिया।
और जिलाधिकारी कार्यालय में ही बच्चों को स्कूली बैग बस्ता, जूता मोजे, लंच बॉक्स, किताबें और कॉपियों के सेट तत्काल दिए गए।और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि भविष्य मे बच्चों से किसी प्रकार की फीस वसूली न की जाए।जिलाधिकारी ने मीडिया को बताया कि इस दिव्यांग परिवार को सरकार द्वारा चलाई जा रही दिव्यांग पेंशन का लाभ भी मिलेगा। और रहने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिलाया जा रहा है।शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, उनको कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी ।मथुराके जिलाधिकारी की इस दरियां दिली की जगह-जगह चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जिलाधिकारी हो तो मथुरा जिलाधिकारी जैसा।




