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सूचना का अधिकार को हवा में उड़ाने वाले अधिकारियों पर राज्य सूचना आयुक्त ने लगाया जुर्माना।

राज्य सूचना आयुक्त ने दो सूचना अधिकारी के पद से हटाने का दिया नोटिस।

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जनपद –आगरा

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 ( 1) के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराने को अधिकारी अपनी तौहीन समझते हैं।तो जनता जनार्दन को थक हार कर राज सूचना आयुक्त के यहां अपील करनी पड़ती है। इसी जन समस्या को लेकर राज सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने बुधवार को आगरा में सूचना के अधिकार के तहत जवाब में लापरवाही बरतने वालों पर जुर्माना लगाया।जिसमें राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने आगरा में 196 मामलों की जनसुनवाई की और 160 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया।आपको बताते चलें कि जनपद मैनपुरी की नगर पंचायत कुसमरा के अधिशासी अधिकारी अभय रंजन ने तीन अलग-अलग आरटीआई में सूचना उपलब्ध नहीं कराई तो राज्य सूचना आयुक्त ने   25/25 हजार रुपए प्रति आरटीआई के हिसाब से ₹75000 का अर्थदंड लगाया है।और इसी जनपद की नगर पंचायत ज्योतिष मीडिया के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश कुमार पर भी तीन मामलों में आरटीआई का जवाब नहीं देने पर 25/25 हजार रुपए  प्रति आरटीआई के हिसाब से ₹75000 का अर्थदंड लगाया है। दोनों मामलों में राज्य सूचना आयुक्त ने कुल डेढ़ लाख रुपए का अर्थ दंड लगाया है।इन प्रकरणों के अलावा राज्य सूचना आयुक्त ने जनपद मथुरा स्थित अधिशासी अभियंता निर्माण खंड- एक में तैनात लिपिक ने लाल स्याही से हस्ताक्षर कर सूचनाएं आवेदक को भेजें थीं। इस मामले में आयुक्त  ने 24 घंटे में  कारण बताने के लिए  नोटिस जारी किया है।तो जनपद एटा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में तैनात एक लिपिक ने सूचनाएं नहीं दी तो 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।इसके अलावा राज्य सूचना आयुक्त ने जनपद हाथरस की सदर तहसील के तहसीलदार ने आरटीआई एक्ट का गलत संदर्भ देकर सूचनाएं प्रार्थी को दी तो तहसीलदार को जन सूचना अधिकारी के पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सूचना आयुक्त ने जिला विद्यालय निरीक्षक हाथरस एवं संबंधित विद्यालय प्रधानाचार्य, प्रबंधक को तलब किया था। मगर सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर उनके विरूद्ध समन जारी किया गया।इसके अलावा राज्य सूचना आयुक्त ने जनपद अलीगढ़ के चंदौस ब्लॉक क्षेत्र के रहने वाले चौधरी बलराम ने चंदौस के विकास खंड अधिकारी से विभिन्न बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थी।10 दिन से अधिक आवेदन करने के बाद भी उनको सूचनाएं नहीं दी गई। तो उन्होंने मौके पर चंदौस के खंड विकास अधिकारी को तलब  किया  और मौके पर ही वांछित सूचनाएं प्रार्थी को दिलवाई।राज्य सूचना आयुक्त की आगरा की इस जनसुनवाई से विभागों में हड़कंप मच गया है।

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