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सुप्रीम कोर्ट ने आप प्रत्याशी कुलदीप कुमार को घोषित किया चंडीगढ़ का मेयर।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई गड़बड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला।

Sk News Agency- New Delhi

20/जनवरी/2024

व्यूरो डेस्क———————–पिछले दिनों हुए चंडीगढ़  मेयर के चुनाव में हुई गड़बड़ी की शिकायत के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सर्वोच्च न्यायालय ने पुराने नतीजों को खारिज करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप कुमार को विजई घोषित कर दिया।सनी के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सामान्य घोषित किए गए सभी आठ वोटो को अवैध करार देते हुए निर्देश दिए कि सभी 8 वोटो के वैलेट पेपर पर रिटर्निंग  ऑफिसर ने क्रॉस क्यों लगाया था।मामले की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा कि सभी 8 वोट याचिकाकर्ता उम्मीदवार कुलदीप कुमार के पक्ष में थे।मगर मगर रिटर्निंग ऑफिसर ने अपने अधिकार से बाहर जाकर मनमानी तरीके से काम किया।मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कल (सोमवार) को सवाल पूछने से पहले हमने रिटर्निंग ऑफिसर  अनिल मसीह को गंभीर नतीजा भुगतने की चेतावनी भी दी थी।रिटर्निंग ऑफिसर ने  8 बैलेट पेपर पर अपना मार्क लगाया था।अधिकारी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया। रिटर्निंग ऑफिसर ने एक आपराधिक  कार्य किया है ।इसके लिए उसके खिलाफ समुचित कार्यवाही होनी चाहिए।आपको बताते चलें कि मुख्य न्यायाधीश की बेंच के सामने सोमवार को रिटर्निग आफिसर ने कबूल किया था कि उन्होंने ही बैलेट पेपर पर क्रॉस का चिन्ह लगाया था।सर्वोच्च न्यायालय ने रिटर्निग ऑफिसर से पूछताछ के बाद चुनाव से संबंधित सारे ओरिजिनल वीडियो, रिकॉर्डिंग और दस्तावेज मांगे थे ।जो कोर्ट रूम पहुंचे .रिटर्निंग ऑफिसर का वीडियो और बैलेट पेपरों  को भी कोर्ट रूम में जमा कर दिया गया।इस पूरे मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डीबाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश जस्टिस मनोज मिश्रा, न्यायाधीश जेबी पारदीवाला की पीठ ने इस मामले पर गहनता से सुनवाई की।ज्ञात रहे कि आम आदमी पार्टी के पार्षद कुलदीप कुमार द्वारा मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में 8 वोट अवैध कर दिए जाने के पीठासीन अधिकारी यानी रिटर्निंग ऑफिसर कि फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के दौरान मतदान और मतगणना के समय का वीडियो देखकर यह प्रतिक्रिया दी थी—— मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रशासन और रिटर्निंग ऑफिसर को कड़ी फटकार लगाई थी। और कहा था कि यह लोकतंत्र का मजाक है। इस चुनाव में रिटर्निग ऑफिसर की हरकत की वीडियो देखकर तो साफ प्रतीत होता है कि लोकतंत्र की हत्या की गई है।यह रिटर्निंग ऑफिसर क्या कर रहा है ?हम नहीं चाहते कि देश में लोकतंत्र की हत्या हो ,हम ऐसा नहीं होने देंगे. ऐसी स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय आंखें बंद करके नहीं बैठा रहेगा।मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए रिटर्निंग  ऑफिसर से पूछा की रिटर्निंग ऑफिसर कौन होता है. और कैसे नियुक्त किया जाता है. उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर  से सवाल पूछा कि आप कैमरे की तरफ क्या देख रहे थे।इस सवाल का जवाब देते हुए रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मशीह ने बताया कि वहां कैमरे की ओर बहुत अधिक शोर हो रहा था इसलिए मैं वहां देख रहा था.फिर कोर्ट द्वारा सवाल दागा गया कि कुछ बैलेट पेपर पर X मार्क लगाया या नहीं?इस पर रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा कि हां मैंने 8 पेपर पर क्रॉस का चिन्ह लगाया था.लेकिन आम आदमी पार्टी के  मेयर प्रत्याशी द्वारा आकर बैलेट पेपर झपट लिए और फाड़कर भागे थे.इस पर कोर्ट द्वारा पूछा गया कि आप क्रॉस क्यों लग रहे थे? यह कार्रवाई आपके द्वारा किस नियम के तहत की जा रही थी?

कुलदीप कुमार एक गरीब घर का लड़का है।इंडिया गठबंधन की ओर से चंडीगढ़ का मेयर बनने पर बहुत-बहुत बधाई ।यह केवल भारतीय लोकतंत्र और माननीय सुप्रीम कोर्ट की वजह से संभव हुआ। हमें किसी भी हालत में अपने जनतंत्र और स्वायत्त संस्थाओं की निष्पक्षता को बचा कर रखना है।

(अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार)

मैं सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद देना चाहता हूं.सच को कुछ समय के लिए परेशान तो किया जा सकता है लेकिन कुचला या दबाया नहीं जा सकता. सच की जीत होती है. चंडीगढ़ में सबसे पहले मेरे द्वारा रुके हुए विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी है आने वाले समय में चंडीगढ़ में हमारा सांसद भी जीत कर आएगा

(कुलदीप कुमार नवनिर्वाचित मेयर चंडीगढ़)

 

 

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