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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से भाजपा भयभीत और यात्रा को रोकने के प्रयास जारी :

अब इसमें कोई दो राय नहीं कि भाजपा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से भयभीत हो चली है। जिस हिसाब से राहुल गांधी की इस यात्रा को आम जनता का भारी समर्थन मिल रहा है, उसको लेकर भी भाजपा परेशान हैं। राहुल की इस यात्रा में कुछ अति विशिष्ट लोग जैसे भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल हुए इसको लेकर भी उसकी (भाजपा की) चिंता बढ़ी है। अब इस यात्रा को कैसे रोकी जाए इसके लिए भूमिका तैयार कर ली गई हैं। कल ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने भारत जोड़ो यात्रा स्थगित करने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखा हैं और कारण कोरोना के नये वैरिएंट का सहारा लिया है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इस समय राजस्थान से गुजर रही थी और कल ही यह यात्रा हरियाणा में प्रवेश कर ग ई हैं। मुझे बहुत हैरानी हुई कि ये पत्र किस आधार पर लिखी गई है। क्या पूरे देश में इस तरह की यात्राएं, रैलियों, मेलों पर रोक लगाई गई है या स्थगित करने को कहा गया है या सिर्फ राहुल गांधी की इस भारत जोड़ो यात्रा से ही कोरोना फैल जाएगा? क्या कोरोना का प्रोटोकॉल सिर्फ राहुल गांधी के लिए ही है या अन्य लोगों के लिए भी हैं?
मुझे किसी भी राजनीतिक पार्टी के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। मेरा मानना है कि सभी एक ही स्कूल के निकले हुए छात्र हैं। सभी एक ही रंग में रंगे हुए हैं। लेकिन क्या मनसुख मंडाविया जी यह बताएंगे कि कोविड का प्रोटोकॉल वे खुद कर रहें हैं? क्या संसद में एक भी सासंद जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री तथा विपक्षी दलों के सांसद भी शामिल हैं, सत्ताधारी पार्टी के सांसद भी हैं, लोकसभा अध्यक्ष हैं, राज्य सभा के सभापति हैं, क्या मास्क लगाएं हुए नजर आ रहे हैं या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं? क्या हाल ही में विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर जनसभाएं और रोड शो किए गये, वहां पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया? थोड़ा सा पीछे जाएं तो जिस समय कोरोना अपने पीक पर चल रहा था, लाखों लोग काल के गाल में समा गए उस समय पश्चिम बंगाल में क्या देश के प्रधानमंत्री जी अनगिनत रैलियां नहीं कर रहे थे? क्या वहां पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया? उसी समय उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनावों को क्या स्थगित किया गया या टाला गया, बिल्कुल नहीं? अनेक चुनाव अधिकारियों की जिसमें भारी संख्या में टीचर्स थें उनकी क्या मृत्यु नहीं हुई थी?
क्या आने वाले दिनों में प्रयागराज कुंभ मेला जिसमें लाखों करोड़ों लोग आएंगे, गोरखपुर के मकर संक्रांति पर लगने वाले मेले में जहां दूर दूर से लाखों लोग आते हैं, क्या उस पर रोक लगाई जाएगी? क्या वहां पर कोविड का प्रोटोकॉल पालन कराया जाएगा? बेहतर होता कि इस बात का भी वे संज्ञान में लेते हुए कोई स्पष्ट निर्देश देते, लेकिन वे नहीं देंगे। उन्हें दिक्कत सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस पार्टी से हैं और राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से हैं। बेहतर होगा कि भारत सरकार एक स्पष्ट दिशानिर्देश जारी कर दे कि सम्पूर्ण देश में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, छः फीट की दूरी मेंटेन करनी होगी। कोई भी रैली अथवा यात्रा या कुंभ मेला, खिचड़ी मेला, या अन्य किसी धर्म के आयोजन नहीं होंगे तो मैं समझता हूं कि अच्छा संदेश साबित होता। लेकिन प्रतिबंध या स्थगन प्रस्ताव सिर्फ राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर, यह समझ से बाहर हैं? आप भी समझ सकते हैं तों फिर समझिए नहीं तों आगे राम जी की मर्जी!

कुलदीप मिश्र
राज्य ब्यूरो प्रमुख
उत्तर प्रदेश

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