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आखिरकार अखिलेश ने निकाल ही दिया विधायकों के साथ पैदल मार्च। पुलिस और खुफिया एजेंसी को जानकारी ही नहीं हुई।

अखिलेश ने विधान मंडल सत्र के पहले दिन पैदल मार्च रोके जाने का बदला सत्र के आखिरी दिन ले ही लिया।

राजधानी लखनऊ

विधान मंडल सत्र का आज आखिरी दिन था, आज बिधाई कार्यों के साथ हंगामे के आसार पहले ही नजर आ रहे थे।विधानसभा की कार्यवाही शुरु होते ही अखिलेश यादव ने  सरकार सरकार से मंहगाई, बेरोजगारी, बढ़ते अपराध, छात्रसंघ चुनाव बहाली सहित  कई मुद्दों के जवाब ना मिलने पर सपा सदस्यों के साथ सदन से वॉक आउट कर गए। और उन्होंने सपा सदस्यों के साथ विधानसभा के पीछे की तरफ की सड़क से राजभवन होते हुए समाजवादी पार्टी राज्य मुख्यालय तक पैदल मार्च किया।और सबसे बड़ी बात तो यह रही कि योगी सरकार की पुलिस और खुफिया विभाग को भनक तक नहीं लगी । इसी वजह से किसी भी तरह की कोई पुलिस  की तरफ से तैयारी भी नहीं की गई थी।नहीं तो पुलिस की माकूल व्यवस्था हो सकती थी।और विधानसभा सत्र के पहले दिन की तरह इस पैदल मार्च को रोका जा सकता था।बता दे चले कि अब अखिलेश यादव पूरी तरह मजे हुए राजनेता की तरह दिखाई दे रहे हैं। और अपने पिता नेताजी मुलायम सिंह यादव की तरह ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन भी करने लगे हैं। जिससे उनका जनता जनार्दन में दिन-प्रतिदिन क्रेज बढ़ता जा रहा।और विपक्ष में रहकर किस तरह अपने दायित्व का निर्वाह किया जाता है वह अखिलेश यादव के नेतृत्व में किया जा रहा है।आपको बता दें कि जिस तरह विपक्ष में रहकर भारतीय जनता पार्टी अपने दायित्व का निर्वाह करती रही है। उसी तरह अखिलेश यादव उसे माकूल जवाब दे रहे हैं।आपको बताते चलें कि जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में यह पैदल मार्च निकाला जा रहा था,तब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोंडा, बस्ती,अयोध्या, बाराबंकी, गोरखपुर,  संत कबीर नगर सहित आधा दर्जन बाढ़ प्रभावित जिलों के हवाई सर्वेक्षण पर निकले थे।

 

कुलदीप मिश्रा

 ब्यूरो प्रमुख

 उत्तर प्रदेश

–sk news agency

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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