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अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कन्नौज सांसद पर रासुका लगाकर सीबीआई जांच की मांग की।

सोमवार को मामले की हकीकत जानने पत्नी नूतन ठाकुर के साथ कन्नौज पहुंचे थे अमिताभ ठाकुर।

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व्यूरो डैस्क–जनपद  कन्नौ

पुलिस चौकी का घेराव कर अपरहण के आरोपियों को छुड़ाने छुड़ाने के लिए कन्नौज सांसद सुब्रत पाठक द्वारा चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों से मारपीट का मामला अब  तूल पकड़ता जा रहा है।आपको बताते चलें कि जनपद कन्नौज में भाजपाइयों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई मारपीट का मामला जोर पकड़ रहा है।पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर कल सोमवार को अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के साथ मामले की हकीकत जानने के लिए कन्नौज पहुंचे थे।वहां उन्होंने पुलिसकर्मियों के अलावा जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की थी।अमिताभ ठाकुर का कहना है पुलिस इस मामले में पूरी तरह से भयभीत है कोई पुलिस अफसर बात करने के लिए तैयार नहीं है जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक भी डरे हुए दिखाई दिए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा जानकारी करने पर वह सिर्फ थैंक यू थैंक यू बोल रही थे। पुलिस पर सियासी दबाव दिखाई दे रहा है।आपको बता दें कि शुक्रवार की रात सदर कोतवाली के मंडी समिति पुलिस चौकी में कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के दौरान भाजपाइयों और पुलिस के बीच मारपीट हुई थी।जिसमें पुलिस की ओर से सदर कोतवाली में सांसद सुब्रत पाठक सहित 10 नामजद व 40-42 अज्ञात लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत हुआ है।इसी मामले की तहकीकात जाने के लिए सोमवार को अमिताभ ठाकुर अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के साथ करीब 12:00 बजे घटनास्थल स्थित मंडी पुलिस चौकी पहुंचे लेकिन वहां पर उनको चौकी इंचार्ज मौके पर नहीं मिले।इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने चौकी इंचार्ज से फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया,लेकिन बात नहीं हो सकी ।इसके बाद वह सीधे सदर कोतवाली पहुंचे। उनके आने से पहले ही कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक एसएसआई, एसआई समेत ज्यादातर पुलिसकर्मी कोतवाली छोड़कर गायब हो गए।उनका कहना था कि कोतवाली में उन्होंने मुंशी से मामले की एफआईआर कॉपी पढ़ने के लिए मांगी जो कि मुंशी ने उन्हें एफआईआर कांपी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई।इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे वहां पर पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह भी मौके पर ना होने की वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।तो उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद कुमार से मुलाकात कर मामले की हकीकत जानी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मंडी समिति पुलिस चौकी में जो घटना घटी है, उसकी एफआईआर कापी देख लिया उसमें अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।उन्होंने मीडिया से कहा कि उनके आने के बाद जिस प्रकार मंडी पुलिस चौकी कोतवाली और एसपी दफ्तर में हालात दिखाई दिए। पूरी मंडी पुलिस चौकी और कोतवाली पुलिस थाना छोड़कर भाग गई थी। मुझे नहीं लग रहा है कि इस मामले में कोई न्याय होगा । बस पुलिस ने एफआईआर सही-सही दर्ज कर ली है ।उन्होंने आगे कहा कि मेरी मांग है कि सांसद की तत्काल गिरफ्तारी की जाए ।और अगर यह सांसद को लगता है कि उनके साथ गलत हुआ है तो एफआईआर दर्ज कराएं। ताकि हम भी सीबीआई की मांग करें और सांसद की सरकार है वह भी सीबीआई की मांग करें।उन्होंने कहा कि अगर पुलिस वाले सही बोल रहे हैं तो सांसद को जेल भेजा जाए। हाथ पर हाथ धरकर थैंक्यू थैंक्यू मत बोलिए। पुलिस द्वारा एफआईआर कापी उपलब्ध न कराए जाने से पूर्व आईपीएस काफी नाराज भी देखे गए।उन्होंने आगे कहा कि जब एसपी को मेरे कन्नौज आने की सूचना मिली थी। तो उन्होंने फोन पर अनुरोध किया था कि वह यहां ना आएं। वह अपनी कार्यवाही कर रहे हैं। लेकिन आज उनका फोन बंद जा रहा है। जिस प्रकार ऊपर से नीचे तक का रवैया है दिखाई दिया है उसके अनुसार यह दर्शाता है किब पुलिस भाजपा के दवाव , प्रभाव में हैहालांकि इस दौरान उनके इर्द-गर्द सादी वर्दी में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।आपको बता दें कि यह पहला मामला नहीं है। जब किसी भारतीय जनता पार्टी के किसी बड़े नेता ने पुलिस से बदसलूकी और बदतमीजी की है। इससे पहले भी गोरखपुर के तत्कालीन सदर  विधायक एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल भी प्रशिक्षु आईपीएस चारू निगम को अपनी शैली में लताड़ लगा चुके हैं। जब आईपीएस चारू निगम के आंखों में आंसू आ गए थे।इसके अलावा आईपीएस ठाकुर भी भाजपा नेताओं की भाषा शैली का शिकार हो चुकी हैं ।आपको बता दें कि इस कन्नौज  मामले  की विपक्षी दलों ने  कड़ी शब्दों में विरोध दर्ज कराया है। और सांसद व कार्यवाही की मांग की है।

 

 

 

 

 

 

 

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